प्राचीन मिस्र में मूसा और फिरौन के बीच का सामना
यह कहानी 2000 ईसा पूर्व के आसपास की है, जब मूसा 80 वर्ष के थे और हार 43 वर्ष के थे। फिरौन ने मिस्र के पारंपरिक वस्त्र पहने और अपने बुद्धिमानों और जादूगरों को बुलाया। मिस्र के जादूगरों ने भी इसी तरह की जादूगरी की। उन्होंने अपनी छड़ें फेंक दीं और वे साँप बन गईं। लेकिन हार ने अपनी छड़ें निगल लीं। फिर भी यहोवा ने कहा था कि फिरौन का मन कठोर हो जाएगा और वह उनकी बात नहीं सुनेगा। यहोवा ने मूसा से कहा कि फिरौन का मन कठोर हो गया है और उसने लोगों को जाने नहीं दिया। मूसा को सुबह फिरौन के पास जाने का निर्देश दिया गया था। फिरौन नदी के किनारे खड़ा था। उसने उस छड़ी को हाथ में लिया था जो साँ बन गई थी।

Harrison