बरफ की मार और फिरौन का पश्चाताप
26 केवल गोशेन देश में जहां इस्राएल के सन्तान थे, ओले नहीं पड़े। तब फिरौन ने मूसा और हारून को बुलवाकर उन से कहा, मैं ने इस बार पाप किया है; यहोवा धर्मी है, और मैं और मेरी प्रजा अधर्मी हैं। 28 प्रभु से प्रार्थना करो कि बादल के गर्जन और ओले बंद हो जाएँ। मैं तुम्हें जाने दूँगा और तुम यहाँ नहीं रहोगे। 29 मूसा ने उस से कहा, जब मैं नगर से बाहर निकल जाऊंगा, तब मैं अपने हाथ यहोवा की ओर फैलाऊंगा; तब गर्जन रुकेंगे, और अब मेंह न होगा; इसलिये कि तू जान ले कि पृथ्वी यहोवा की है। 30परन्तु मैं जानता हूँ कि तुम और तुम्हारे कर्मचारी अभी तक प्रभु परमेश्वर का भय नहीं मानते। 31और सफ़ेद रेशम और जौ भी मार डाले गए, क्योंकि सफ़ेद रेशम में था, और सफ़ेद रेशम उबाला था।

Elizabeth