अनंत चिंतन: दर्पण कक्ष में पहचान की खोज
एक कमरे के अंदर एक अवास्तविक सेटिंग पूरी तरह से दर्पणों से सजी हुई है, जो एकान्त आकृति के अनंत प्रतिबिंबों को उत्पन्न करती है जो गतिहीन, नरम फैली हुई रोशनी के बीच की सीमा को धुंधला करती है, पहचान और धारणा को याद दिलाती है।

Gareth